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किसी कंपनी की एजेंसी कैसे लें [2022] kisi bhi company ka agency kaise le

किसी कंपनी की एजेंसी कैसे लें : आज बाज़ार में हर जगह कंपटीशन का माहौल है और इस कंपटीशन के दौर में किसी भी बिजनेस में जल्दी सफलता मिल पाना भी हर वक्त सम्भव नहीं हो पाता। ऐसे में यदि जल्दी सफलता पाना है, तो किसी ऐसे काम को करने की आवश्यकता है, जिसमें कंपटीशन कम और कमाई अधिक हो। यदि आप महीने की अच्छी खासी कमाई करना चाहते हैं तो किसी कंपनी की एजेंसी लेना एक बढ़िया विकल्प साबित हो सकता है। कंपनी की एजेंसी खोलने के इस विकल्प को अपनाकर लोग दिन दुगनी और रात चौगुनी तरक्की कर रहें हैं।

कंपनी की एजेंसी लेने का मतलब होता है – किसी बड़े ब्रांड की कंपनी के नाम वाला एक छोटा ऑफिस खोलना, जहाँ उस कंपनी के प्रॉडक्ट्स को स्टोर करके दूसरे रिटेलर और ग्राहकों को बेचा जाए। जो लोग कंपनी की एजेंसी को खोलते है, वे कंपनी का डिस्ट्रीब्यूटर कहलाते हैं।

किसी भी कंपनी के एजेंसी खुलवाने के क्या कारण हैं?

कोई कंपनी अपनी एजेंसी निम्नलिखित कारणों से खुलवाती है –

  •  ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों तक उनके प्रॉडक्ट्स इस्तेमाल हो सके।
  •  कंपनी के प्रॉडक्ट्स की ज्यादा से ज्यादा बिक्री हो। कंपनी का बिजनेस लगातार चलता रहे और उन्हें ज्यादा से ज्यादा मुनाफा हो सके।

किसी भी कंपनी की एजेंसी लेने के क्या-क्या फायदे हैं?

किसी कंपनी की एजेंसी लेने से निम्नलिखित फायदे होते है-

  • फ्री ट्रेनिंग :किसी भी बिजनेस को शुरू करने से पहले लोगों को कुछ सालों के अनुभव की जरूरत होती है। लेकिन किसी भी एजेंसी लेने का सबसे पहला फ़ायदा यही होता है कि इसमें फ्री में ट्रेनिंग मिलती है। कोई भी कंपनी अपने एजेंसी के distributor को सब कुछ सिखाने के लिए एक अच्छी ट्रेनिंग देती है, जिससे उनका distributer कंपनी के किसी भी प्रॉडक्ट को और अच्छे से ग्राहकों तक भेज पाये।
  •  फास्ट ग्रोथ : किसी कंपनी की एजेंसी लेने पर इस बिजनेस में बहुत जल्दी ग्रोथ होता है। कंपनी के प्रॉडक्ट्स थोड़े महँगे हो सकते हैं लेकिन आज के समय में लोग ब्रांडेड चीजें लेना पसंद करते हैं, जिसके कारण ऐसे बिजनेस में फास्ट ग्रोथ आती है। किसी कंपनी की एजेंसी लेने पर किसी तरह के promotion की आवश्यकता नहीं होती है। कंपनी की एजेंसी लेने पर आपकी कमाई भी ब्रांड के नाम से होती है।
  • कम जोखिम : लोगों को ब्रांडेड चीजों पर भरोसा अधिक होता है। इसलिए  यदि आप किसी ब्रांडेड कंपनी की एजेंसी लेते हैं तो यह काम आपके लिए कम जोखिम भरा हो सकता है। किसी कंपनी की एजेंसी खोलने में ज्यादा रिस्क नहीं होती है। एजेंसी लेने पर प्रॉडक्ट्स की कीमत आपको फिक्स नहीं करनी पड़ती है, पहले से ही कीमत निर्धारित होते हैं। इसके अंतर्गत किसी भी प्रॉडक्ट को तैयार करने की जरूरत नहीं होती है क्योंकि कंपनी के द्वारा बनाए गए प्रॉडक्ट्स मिलते हैं।  
  • अधिक मुनाफा : किसी कंपनी की एजेंसी लेने से अधिक प्रॉफ़िट मार्जिन प्राप्त होता है। किसी भी एजेंसी के प्रॉडक्ट को बेचने पर लगभग 10% का मार्जिन मिलता है, जो महीने की अच्छी खासी कमाई का एक बहुत अच्छा जरिया है।
  •  फ्री कस्टमर बेस : खुद का बिजनेस खोलने से अच्छा होता है कि किसी कंपनी का एजेंसी खोल लें। इससे फायदा यह होगा कि इसमें फ्री customer base मिल जाएगा क्योंकि किसी भी बड़े कंपनी का नाम पहले से मार्केट में फैला हुआ रहता है, जिसके कारण मेहनत ज्यादा नहीं करनी पड़ती।

किसी कम्पनी की एजेंसी कैसे लें?

किसी भी कंपनी की एजेंसी लेने के लिए आप कंपनी के किसी भी आउटलेट में जाकर कंपनी इसके बारे में पता कर सकते हैं या आप कंपनी के अधिकारिक वेबसाइट पर एक टोल फ्री नंबर पर फोन करके इसकी जानकारी ले सकते हैं। आप चाहें तो वहां मौजूद फॉर्म में अपनी जानकारी डालकर रजिस्ट्रेशन की मदद से एजेंसी पा सकते हैं। कंपनी की एजेंसी के लिए रजिस्ट्रेशन में आपको निम्नलिखित दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी –

  •  जीएसटी नंबर
  • पैन कार्ड 
  • आधार कार्ड 
  • इलेक्ट्रिसिटी बिल
  •  बिजनेस प्रोफाइल
  • स्पेस एग्रीमेंट

 किसी कंपनी की एजेंसी लेते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

किसी भी कंपनी का एजेंसी लेते समय निम्न बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है, ताकि भविष्य में किसी को भी नुकसान न उठाना पड़े –

  •  एजेंसी खोलने के लिए उचित जगह : जिस जगह पर एजेंसी खोलनी है, उस जगह को अच्छे से जांच पड़ताल कर लेना चाहिए। वहां से अधिकतर लोग गुजरते हों ताकि लोग प्रोडक्ट्स को देख सके और समझ सके, जिससे प्रोडक्ट कि अधिक से अधिक सेल हो सके।
  •  इंडस्ट्री का चयन करें : यदि एक एजेंसी खोलना है तो एजेंसी खोलने के लिए एक अच्छी कंपनी का चयन करना बहुत जरूरी होता है ताकि आगे जाकर नुकसान ना सहना पड़े। जिसका मार्केट में अच्छी पहचान हो, जिसके प्रॉडक्ट को लोग खरीदना पसंद करते हों, जिसकी मार्केट में अधिक से अधिक सेल हो रही हो उन्हीं कंपनियों को चयन करना चाहिए।
  • डिपॉज़िट रिटर्न प्रोसेस : कंपनी और प्रॉडक्ट का चयन करने के बाद यह देखना जरूरी होता है कि किसी कारण प्रॉडक्ट नहीं बिक पाता हो तो कंपनी का डिपॉज़िट रिटर्न प्रोसेस सही मिलना चाहिए ताकि बेचने वाले को कोई नुकसान ना हो। अगर समय पर प्रोडक्ट ना बिके तो काफी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
  • सेल्स टार्गेट : कई ऐसी कंपनियां हैं जो अपने एजेंसी होल्डर को प्रॉडक्ट सेल करवाने के लिए टार्गेट भी देती है कि आपको इतने दिनों तक कितने प्रोडक्ट सेल करनी  है ।किसी भी कंपनी का एजेंसी लेते समय कंपनी के सेल टार्गेट के बारें में जानकारी ले लेनी चाहिए ताकि उस हिसाब से प्रोडक्ट सेल कर सकें। 
  •  पूंजी का हिसाब करें : किसी भी बिजनेस को शुरू करने से पहले उसमें पूंजी की आवश्यकता होती है।एजेंसी खोलने के लिए लगने वाली पूंजी दो चीजों पर निर्भर करता है पहला यह कि कितनी ब्रांडेड कंपनी की एजेंसी खोलना चाहते हैं तथा किस प्रॉडक्ट की एजेंसी खोलना चाहते है। जिस भी कंपनी की एजेंसी खोलना चाहते है, उसमे कुल कितनी पूंजी लग रही है। 
  •  प्रॉडक्ट डिमांड देखे : मार्केट में किस प्रोडक्ट की या किस ब्रांड की डिमांड है और किस ब्रांड की डिमांड बढ़ती जा रही है यह देखने के बाद ही यह निर्णय लेना चाहिए कि किस एजेंसी में काम करना चाहिए। जिस कंपनी की एजेंसी खोलने जा रहे है उस प्रॉडक्ट की मांग मार्केट में है या नहीं ताकि वह प्रोडक्ट है जल्दी-जल्दी सेल हो सकें। 
  •  प्रॉडक्ट क्वालिटी : कोई भी अच्छी क्वालिटी वाले प्रॉडक्ट को लेने के लिए ही लोग ब्रांडेड चीजें लेना पसंद करते है इसलिए किसी कंपनी का एजेंसी लेते समय देखना चाहिए कि कंपनी के प्रॉडक्ट की क्वालिटी अच्छी है या नहीं। प्रॉडक्ट की क्वालिटी अच्छी होने पर ही लोग उस प्रोडक्ट में रुचि रखते हैं और खरीदना पसंद करते हैं।  
  •  निश्चय करें लंबे समय तक करना चाहते है या नहीं : सभी कंपनी अलग-अलग समय तक अपनी एजेंसी दूसरों को देना चाहते हैं। कुछ कंपनियां 2 साल, 5 साल ,10 साल या जीवन भर के लिए भी एजेंसी देती है। ऐसे में खुद निर्णय लेना चाहिए कि कितने long-term के लिए उसमें काम करना चाहते हैं।
  •  कंपनी की टर्म एंड कंडिशन : किसी भी कंपनी का एजेंसी लेते समय ध्यान रखना चाहिए कि कंपनी की टर्म एंड कंडिशन कैसी है। कंपनी के टर्म एंड कंडिशन के बारे में हमेशा जागरूक रहना चाहिए जिससे भविष्य में किसी प्रकार की दिक्कत का सामना करना ना पड़े। 
  •  सिक्युर्टी मनी :किसी भी कंपनी की एजेंसी लेने से पहले वह कंपनी सिक्योरिटी मनी के रूप में कुछ रुपए जमा करवाती है। यदि किसी कारणवश उन्हे पैसे न मिल पाए तो वे इसका इस्तेमाल कर सके। इसलिए यह देखना जरूरी होता है कि वह कंपनी security money के रूप में कितना पैसा  लेती है। 
  • अपना इंटरेस्ट पहचानें : किसी भी कंपनी के प्रोडक्ट को बेचने के लिए उसमें रुचि होना अति आवश्यक है ।यदि किसी भी प्रोडक्ट में रुचि ना हो तो उसे सेल करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। जिस प्रोडक्ट में रुचि ही ना हो उसकी जानकारी लेने में थोड़ी दिक्कत आ जाती है।
  • एजेंसी सेटअप इक्यूपमेंट : किसी भी कंपनी की एजेंसी लेते समय हिसाब लगाना चाहिए कि एजेंसी के सेटअप करने के लिए प्रॉडक्ट के साथ और क्या-क्या इक्यूपमेंट लगेंगे और सेल करते समय किस किस चीजों की आवश्यकता हो सकती है।  
  •  मैनपावर : किसी कंपनी के प्रॉडक्ट की एजेंसी लेते समय यह  अनुमान लगाना चाहिए कि एजेंसी को हैंडल करने के लिए  कितने कर्मचारियों की जरूरत होगी ताकि उस हिसाब से लोग काम कर सके।
  •  ब्रांड की डिमांड देखें : किसी भी ब्रांड की एजेंसी खोलना चाहते है तो खोलने से पहले यह देखना जरूरी है कि मार्केट में उस ब्रांड की प्रोडक्ट कितनी बिक रही है और उसकी कितनी मांगे हैं। यदि उस ब्रांड की प्रोडक्ट नहीं बिक रही हो या कम बिक रही हो तो नुकसान भी सहना पड़ सकता है। 
  • प्रॉडक्ट डिमांड देखें :मार्केट में ब्रांड की डिमांड देख लेने के बाद ही तय करना चाहिए कि उस कंपनी से जुड़े या नहीं। 

FAQs

Q.किसी भी कंपनी की एजेंसी लेने के लिए क्या करना पड़ता है?

किसी भी कंपनी की एजेंसी लेने के लिए उसके एजेंसी वाले के कस्टमर नंबर पर कॉल कर रजिस्ट्रेशन करवाना होता है।

Q.किसी भी कंपनी की एजेंसी का कितना खर्च आता है?

किसी भी कंपनी की एजेंसी लेने में लगभग 2 लाख से 8 लाख तक का ख़र्च आ सकता है।

Q.एजेंसी के लिए मार्केटिंग कैसे करें?

किसी भी नामी कंपनी की एजेंसी लेनी है, तो उसमें ज्यादा मार्केटिंग करने की आवश्यकता नहीं होती।

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